कंटाप
NEWS
गुरुवार, 22 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
मुझे गालियां पड़ेंगी, लेकिन...; योगेंद्र यादव ने कहा- अभी मोदी का इस्तीफा नहीं चाहते लोग      श्रद्धा दुबे तो निकली बड़ी खिलाड़ी, Z गैंग से भी कनेक्शन, लखनऊ लेकर आई पुलिस, बचना हुआ मुश्किल      Rain Alert: बन गया है कम दबाव का क्षेत्र, इन राज्यों में होने जा रही मूसलाधार बारिश, आंधी तूफान का भी अलर्ट      Tiger Shroff Attack Case में बड़ा खुलासा, वारदात से पहले शूटरों ने की थी बंदूक चलाने की प्रैक्टिस, हुआ था म      सऊदी अरब पर अटैक से भड़का भारत, विदेश मंत्रालय की दो टूक- तुरंत बंद हों हमले      फ्रांस में किस धर्म के कितने लोग, यहां कितने रहते हैं मुस्लिम?      30 साल तक..., SIR पर हंगामे के बीच अमित शाह की भविष्यवाणी, राहुल के विदेश दौरे पर भी तंज      दिल्ली में AAP और कांग्रेस की पार्षद भिड़ीं, MCD सदन में खींचतान के बाद आई हाथापाई की नौबत     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
राजनीति ब्रेकिंग

राजनीतिक घमासान: कृष्णानगर सर्किट हाउस खाली करने के आदेश पर टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा का तीखा विरोध

पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर से तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा को सर्किट हाउस खाली करने के कथित प्रशासनिक आदेश के बाद राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है।

X
Kantap News डेस्क
16 अग 2026, 17:21
राजनीतिक घमासान: कृष्णानगर सर्किट हाउस खाली करने के आदेश पर टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा का तीखा विरोध
कृष्णानगर क्षेत्र में उस समय राजनीतिक सरगर्मी अचानक बढ़ गई जब स्थानीय अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट द्वारा टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा को उनके ठहरने के स्थान यानी सर्किट हाउस को तुरंत खाली करने का निर्देश दिया गया। इस घटना के सामने आने के तुरंत बाद से ही राजनीतिक गलियारों में विरोध के स्वर गूंजने लगे हैं और प्रशासन की इस कार्रवाई को लेकर तरह-तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं। विपक्षी दलों के साथ-साथ कई वरिष्ठ नेताओं ने भी इस मामले में हस्तक्षेप करना शुरू कर दिया है।

संसदीय विशेषाधिकार का सवाल

इस पूरे विवाद के तूल पकड़ने के बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और एक सांसद के रूप में महुआ मोइत्रा के संसदीय विशेषाधिकारों की रक्षा करने की बात पर जोर दिया है। उनका कहना है कि जन प्रतिनिधियों के साथ इस तरह का प्रशासनिक बर्ताव लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है और इस मामले में पूरी पारदर्शिता बरती जानी चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह निर्देश किस परिस्थिति में दिया गया था।

प्रशासनिक और राजनीतिक तनाव

स्थानीय स्तर पर इस आदेश के बाद से तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में भारी रोष व्याप्त है और उन्होंने प्रशासन पर बदले की भावना से काम करने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह केवल नियमित नियमों के तहत उठाया गया कदम था जिसका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन इसके बावजूद यह मुद्दा अब राष्ट्रीय स्तर पर बहस का विषय बन चुका है।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज