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राजनीति

राजनीतिक घमासान: विधायक चौधरी बाबूलाल ने सांसद राजकुमार चाहर पर साधा निशाना

विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश की राजनीति में आंतरिक कलह खुलकर सामने आ गई है। आगरा में भाजपा विधायक चौधरी बाबूलाल ने सांसद राजकुमार चाहर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस विवादित टिप्पणी के बाद से पार्टी के भीतर हलचल तेज हो गई है और मामला लखनऊ तक पहुंच गया है।

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Ankit Yadav
06 अक्ट 2026, 11:33
राजनीतिक घमासान: विधायक चौधरी बाबूलाल ने सांसद राजकुमार चाहर पर साधा निशाना

आगरा में भाजपा विधायक का तीखा हमला

उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में भारतीय जनता पार्टी के भीतर चल रहा अंदरूनी कलह अब सार्वजनिक मंचों पर सामने आ गया है। विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है और नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। इसी क्रम में विधायक चौधरी बाबूलाल ने एक जनसभा के दौरान सांसद राजकुमार चाहर पर सीधा और तीखा निशाना साधा है। इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहे इस सभा के वीडियो में विधायक बाबूलाल ने सांसद पर कई तरह के गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने बिना किसी लाग-लपेट के खुलेआम अपने ही दल के सांसद को कटघरे में खड़ा कर दिया है। इस कार्यक्रम के दौरान स्थानीय कार्यकर्ता और आम लोग भी मौजूद थे जिनके सामने यह विवादित बयान दिया गया। बाबूलाल के इस तरह के खुलकर हमलावर रुख अपनाने से राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं और पार्टी का आंतरिक तनाव अब किसी से छिपा नहीं रहा है। इस बयान के सामने आने के बाद से ही क्षेत्र के राजनीतिक समीकरणों में उबाल आ गया है और विरोधी दलों को भी बैठे-बिठाए एक मुद्दा मिल गया है।

मुख्यमंत्री से बातचीत और जमीन के आरोप

सभा को संबोधित करते हुए विधायक चौधरी बाबूलाल ने मुख्यमंत्री के साथ अपनी बातचीत का भी सार्वजनिक रूप से जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने महाराज जी यानी मुख्यमंत्री से मुलाकात कर स्पष्ट शब्दों में अपनी बात रखी थी। उन्होंने कहा था कि सरकार सभी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है तो पार्टी के अपने सांसद और विधायकों के कामों की भी जांच होनी चाहिए। यह देखना बेहद जरूरी है कि वे सही दिशा में काम कर रहे हैं या गलत रास्तों पर चल रहे हैं। बाबूलाल के अनुसार मुख्यमंत्री उनकी इस बात को सुनकर समझ गए थे और उन्होंने इसे अपनी राजनीतिक सूझबूझ से लिया था। इसके अलावा विधायक ने सांसद पर यह गंभीर आरोप भी लगाया कि सांसद यह कहते फिरते हैं कि वे अपनी चार सौ बीघा जमीन बेचकर राजनीति कर रहे हैं। इस बात का करारा जवाब देते हुए बाबूलाल ने चुनौती दी कि यदि वास्तव में ऐसा है तो इसकी उच्च स्तरीय जांच करवा लेनी चाहिए। उन्होंने खेरागढ़ तहसील से खतौनी मंगाकर सच्चाई सामने लाने की बात कही ताकि यह पता चल सके कि उनके बाबा और पिता के नाम कितनी जमीन थी और उसमें से कितनी जमीन बेची गई है। विधायक का यह बयान इंटरनेट पर बहुत तेजी से वायरल हो रहा है और इस पर लगातार विभिन्न प्रकार की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

सांसद की चुप्पी और लखनऊ तक पहुंचा मुद्दा

विधायक चौधरी बाबूलाल के इन तमाम तीखे बयानों और जमीन संबंधी खुली चुनौतियों के बाद से राजनीतिक तापमान काफी ज्यादा बढ़ गया है। यह पूरा मामला और इससे जुड़ा वीडियो अब राजधानी लखनऊ तक पहुंच चुका है जहां पार्टी के वरिष्ठ नेता इस पर नजर बनाए हुए हैं। दूसरी तरफ जिन सांसद राजकुमार चाहर पर यह तमाम गंभीर आरोप लगाए गए हैं उन्होंने इस पूरे विवाद पर पूरी तरह से चुप्पी साध रखी है। सांसद राजकुमार चाहर का कहना है कि इन सभी बातें पूरी तरह से निराधार हैं और उन्हें ऐसी बेबुनियाद बातों पर बिल्कुल भी कुछ नहीं कहना है। वे इस पूरे मामले को तूल देने से बचते नजर आ रहे हैं और उन्होंने अपनी तरफ से कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया देने से साफ इनकार कर दिया है। हालांकि पार्टी के भीतर इस प्रकार की खुलकर बयानबाजी से संगठन की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लगने लगे हैं। आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए इस तरह का आपसी विवाद पार्टी के लिए मुश्किलें पैदा कर सकता है। विरोधी दल भी इस आंतरिक कलह को लेकर लगातार हमलावर रुख अपनाए हुए हैं और आने वाले दिनों में यह मुद्दा तूल पकड़ सकता है।

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