कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
सऊदी अरब में बांग्लादेशी महिला कामगार कितनी सुरक्षित हैं?      तिब्बत में आए शक्तिशाली भूकंप में कम से कम 16 लोगों की मौत, सैकड़ों ज़ख़्मी      ‘भारत हम सभी के लिए उम्मीद की किरण’, पोलैंड के प्रधानमंत्री ने की PM मोदी की जमकर तारीफ      'शिमला में भुट्टो से मिली थीं इंदिरा', रूबियो से मुंबई में मिलने के विवाद पर बोले जयशंकर      'इतना अन्याय किसी परिवार के ऊपर नहीं हुआ होगा...', अखिलेश यादव ने आजम खान के लिए ऐसा क्यों कहा?      स्पीकर ओम बिरला की दो टूक, अगर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का प्रस्ताव...      दो चुनाव आयुक्तों की शिकायत पर कैबिनेट सचिव ने क्यों नहीं लिया एक्शन, RTI में खुलासा      टाइगर श्रॉफ की मां आयशा ने शेयर किया वीडियो, फायरिंग में टुकड़े उड़ने से बेटे का हाथ कैसा हुआ है छलनी     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
राजनीति

राजनीतिक हलचल: लखनऊ में केशव-ब्रजेश से मिले विनोद तावड़े, सपा को घेरने की बनी नई रणनीति

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय स्तर के नेता विनोद तावड़े ने लखनऊ में उत्तर प्रदेश के दोनों उप मुख्यमंत्रियों से मुलाकात की। इस दौरान आगामी चुनावों और राजनीतिक मुद्दों को लेकर गहन विचार-विमर्श किया गया। बैठकों का मुख्य उद्देश्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी की रणनीतियों का तोड़ निकालना था।

A
Ankit Yadav
02 अक्ट 2026, 10:22
राजनीतिक हलचल: लखनऊ में केशव-ब्रजेश से मिले विनोद तावड़े, सपा को घेरने की बनी नई रणनीति

कालिदास मार्ग पर नेताओं की महत्वपूर्ण बैठक

भारतीय जनता पार्टी के नेता विनोद तावड़े अपने चार प्रमुख सह प्रभारियों के साथ राजधानी लखनऊ के कालिदास मार्ग स्थित कैंप कार्यालय पहुंचे। उनके साथ सह प्रभारी जगदीश ईश्वर पटेल, मेधा कुलकर्णी, प्रदीप वर्मा और अनंत ओझा भी मौजूद थे। इस उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से मुलाकात की और संगठनात्मक विषयों पर लंबी चर्चा की। मुलाकात की शुरुआत एक शिष्टाचार संवाद के साथ हुई, जिसके बाद चुनावी वातावरण तथा वर्तमान राजनीतिक मुद्दों पर भी खुलकर विचार-विमर्श किया गया। इस बैठक के दौरान प्रदेश स्तर के विभिन्न पदाधिकारियों के साथ पूर्व में हुई बैठकों से मिले फीडबैक पर भी विशेष रूप से समीक्षा की गई। नेताओं ने यह आकलन किया कि जमीनी स्तर पर पार्टी की स्थिति कैसी है और कार्यकर्ताओं से किस प्रकार के सुझाव प्राप्त हुए हैं। चुनावी तैयारियों को धार देने के लिए यह अनौपचारिक और औपचारिक संवाद बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिससे पार्टी कैडर में एक नया उत्साह संचारित हो सके।

सपा की रणनीति और पीडीए के असर पर मंथन

बैठकों के दौरान मुख्य रूप से विपक्षी दल समाजवादी पार्टी की कार्यनीतियों और उनके द्वारा गढ़े जा रहे नैरेटिव की काट खोजने पर ध्यान केंद्रित किया गया। नेताओं ने इस बात पर गहन विचार किया कि समाजवादी पार्टी के पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समीकरण के असर को कैसे निष्प्रभावी किया जाए। इसके अलावा, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव को लेकर तीखा राजनीतिक संकल्प दोहराया गया और उन्हें साइकिल समेत उनके पैतृक गांव सैफई वापस भेजने की बात कही गई। दोनों उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक अपने बयानों के माध्यम से पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर लगातार राजनीतिक हमले करते रहते हैं, जिससे इस मुलाकात का महत्व और भी अधिक बढ़ गया है। विनोद तावड़े ने अपनी टीम के साथ राजभवन कालोनी स्थित उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के निजी आवास का भी दौरा किया। वहां दोनों नेताओं के बीच शिष्टाचार भेंट के साथ-साथ चाय पर राजनीतिक चर्चा हुई, जिसमें सरकार और संगठन के तालमेल को मजबूत करने के कई अहम बिंदुओं पर बात की गई।

एमएलसी चुनावों की तैयारी और दूरगामी प्रभाव

विचार-विमर्श के दौरान विधान परिषद यानी एमएलसी चुनावों की तैयारियों पर भी विशेष रूप से बातचीत की गई। नेताओं ने इस बात का विश्लेषण किया कि आगामी एमएलसी चुनावों का वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों पर किस तरह का प्रभाव पड़ सकता है। पार्टी नेतृत्व यह सुनिश्चित करना चाहता है कि स्थानीय निकाय और अन्य एमएलसी चुनावों में बेहतर प्रदर्शन करके राजनीतिक जमीन को और अधिक मजबूत किया जाए। इन तमाम बैठकों का मुख्य उद्देश्य राज्य में विपक्षी दलों की घेराबंदी करना और सरकार की नीतियों को जन-जन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है। विनोद तावड़े और उनके सह प्रभारियों का यह दौरा राजनीतिक दृष्टिकोण से काफी संवेदनशील समय में हुआ है। इससे साफ है कि भारतीय जनता पार्टी ने अभी से ही आगामी राजनीतिक चुनौतियों का सामना करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए इस प्रकार की उच्चस्तरीय बैठकें लगातार आयोजित की जा रही हैं, जिनके दूरगामी राजनीतिक परिणाम आने वाले समय में देखने को मिलेंगे।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज