बड़ौत में खाप चौधरी परिवार से मुलाकात
किसान नेता राकेश टिकैत ने शुक्रवार की सुबह उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के अंतर्गत आने वाले बड़ौत क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उनके साथ भारी संख्या में स्थानीय किसान भी मौजूद रहे। वह वहां हाल ही में दिवंगत हुए खाप चौधरी सुरेंद्र सिंह के आवास पर गए थे। उन्होंने उनके शोकसंतप्त परिवार से मुलाकात की और अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। टिकैत ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाते हुए कहा कि पूरा किसान परिवार इस मुश्किल समय में उनके साथ मजबूती से खड़ा है। इस शोक भेट के दौरान किसानों और क्षेत्र के कई गणमान्य लोग भी वहां उपस्थित रहे। इस यात्रा के दौरान उन्होंने राजनीतिक हालातों पर भी अपनी बात रखी और स्थानीय लोगों से विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। इस मुलाकात को पूरी तरह से एक पारिवारिक और सांत्वना देने वाला दौरा बताया गया, जहां बड़ी संख्या में किसानों ने पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और दिवंगत चौधरी को याद किया।
चुनावों में सरकारी तंत्र के दुरुपयोग की आशंका
बड़ौत में मीडिया और समर्थकों से बातचीत के दौरान किसान नेता राकेश टिकैत ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर तीखे जुबानी हमले किए। उन्होंने दावा किया कि आगामी वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों में सरकारी मशीनरी का भारी इस्तेमाल किया जाएगा। उनका आरोप था कि इस तंत्र के माध्यम से विपक्ष के मजबूत और प्रभावशाली उम्मीदवारों को दबाने की सुनियोजित रणनीति बनाई जा रही है। टिकैत ने यह भी कहा कि इस बार सत्ता पक्ष बिल्कुल नए और अलग तरीकों से चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने का काम करेगा। उन्होंने यहां तक कहा कि विरोधी पार्टियों के प्रत्याशियों के नामांकन पत्र यानी पर्चे उठवाकर चुनावों में जीत हासिल करने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने पिछली चुनावी प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल खड़े किए और आरोप लगाया कि पिछले चुनावों के दौरान जीते हुए उम्मीदवारों को हराने का झूठा और बनावटी दिखावा किया गया था, जो कि लोकतांत्रिक प्रणाली के लिए बिल्कुल भी सही नहीं है।
पुराने वाहनों की कार्रवाई पर किसानों की चेतावनी
राजनीतिक बयानों के अलावा किसान नेता राकेश टिकैत ने देश और प्रदेश में पुराने वाहनों को लेकर चल रही सख्त प्रशासनिक कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रशासन द्वारा पुराने वाहनों पर की जा रही कार्रवाई पूरी तरह से गलत और अन्यायपूर्ण है। टिकैत ने चेतावनी देते हुए कहा कि देश का अन्नदाता किसान अपने पुराने वाहन किसी भी कीमत पर सरकार को नहीं सौंपेगा। इसके विपरीत, किसान उन वाहनों को अधिकारियों को देने के बजाय उन्हें मौके पर ही जलाने का काम करेंगे। हालांकि, इस तीखी चेतावनी के साथ ही उन्होंने आम जनता और किसानों से यह संयमित अपील भी की कि वे ऐसी कोई भी आक्रामक घटना या कदम न उठाएं जिससे कानून व्यवस्था बिगड़े। उन्होंने किसानों से शांति बनाए रखने का आग्रह किया ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके और आंदोलन का दायरा भी अनुशासन के दायरे में सुरक्षित रहे।