लखनऊ में ओवैसी का तीखा राजनीतिक बयान
एआइएमआइएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि मुसलमानों की भूमिका केवल वोट देने तक ही सीमित नहीं रहनी चाहिए। विपक्षी दलों की राजनीति पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि दलों को लगता है कि समुदाय का काम केवल दरी बिछाना और जिंदाबाद के नारे लगाना है। इसके बाद लोग केवल अपने घर वापस चले जाएं। उन्होंने इस सोच की कड़ी आलोचना की और जनता के सामने अपनी बात रखी। ओवैसी ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी इस तरह की भेदभावपूर्ण राजनीति को स्वीकार नहीं करती है। एआइएमआइएम लगातार जनता के बीच इन मुद्दों को प्रमुखता से उठा रही है। राजनीतिक दलों की ऐसी संकीर्ण मानसिकता के कारण ही आज समाज का एक बड़ा वर्ग पीछे छूट रहा है। पार्टी अध्यक्ष ने लखनऊ की इस सभा में खुलकर अपनी बात रखी और विपक्षी दलों की कार्यशैली पर कई गंभीर सवाल खड़े किए। उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में एक नई बहस छिड़ गई है।
राजनीतिक हिस्सेदारी के लिए खुद उठानी होगी आवाज
एआइएमआइएम पार्टी के अध्यक्ष ने आगे कहा कि मुसलमानों को अपनी राजनीतिक हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के लिए खुद आगे आना होगा। किसी भी दल के भरोसे बैठने से अधिकारों की प्राप्ति संभव नहीं हो सकती है। समुदाय के लोगों को अपनी आवाज को पूरी ताकत के साथ उठाना पड़ेगा। ओवैसी ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश के विपक्षी दल कभी नहीं चाहते हैं कि कोई मजबूत मुस्लिम पार्टी खड़ी हो सके। वे नहीं चाहते कि समुदाय की राजनीतिक भागीदारी में किसी भी प्रकार की वृद्धि हो सके। इसी उद्देश्य के तहत राजनीतिक दलों द्वारा सुनियोजित तरीके से उपेक्षा की जाती है। एआइएमआइएम पार्टी इसी मुख्य सवाल को लेकर लगातार जनता के बीच अपनी बात रख रही है। पार्टी का स्पष्ट मानना है कि जब तक लोग खुद जागरूक नहीं होंगे तब तक स्थिति में सुधार नहीं आ सकता। अधिकारों की इस लड़ाई को लड़ने के लिए संगठित होकर प्रयास करने की बेहद आवश्यकता है। पार्टी नेताओं का यह भी कहना है कि जनता को अब अपने भले और बुरे की पहचान करनी होगी। अपने हक की खातिर खुद मैदान में उतरकर हुक्मरानों से सवाल पूछने का समय आ चुका है।
मुसलमानों पर अत्याचार और गिरती मस्जिदें
सभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने मुसलमानों पर हो रहे अत्याचारों का भी खुलकर जिक्र किया। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मौजूदा समय में देश और प्रदेश में मस्जिदें गिराई जा रही हैं। ऐसे कठिन हालात में समुदाय के लोगों को चुपचाप बैठने के बजाय राजनीतिक रूप से मजबूत होना पड़ेगा। अपनी आवाज को बुलंद किए बिना इन जुल्मों का मुकाबला करना मुमकिन नहीं हो सकता है। पार्टी का मुख्य एजेंडा समाज के इन दबे कुचले वर्गों को मुख्यधारा में जोड़ना है। जब तक राजनीतिक ताकत हाथ में नहीं होगी तब तक सुरक्षा और सम्मान की गारंटी मिलना मुश्किल है। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में राजनीतिक दलों की कार्यप्रणाली हमेशा से संदेहास्पद रही है। ओवैसी के इन तीखे तेवरों से साफ जाहिर होता है कि आगामी दिनों में राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ने वाली है। पार्टी इन तमाम मुद्दों को आधार बनाकर लगातार जमीन पर अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटी है। जनता के बीच जाकर इन सभी विषयों पर खुलकर चर्चा की जा रही है ताकि लोग जागरूक हो सकें।