शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में चुनावी घमासान
गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए जारी चुनाव प्रचार ने अब जोर पकड़ लिया है। इस चुनावी मैदान में भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है, जबकि अजय सिंह और राजीव यादव निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। कुल 17 जिलों में फैले इस निर्वाचन क्षेत्र में कुल 54 हजार 910 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। मतदाताओं की संख्या के लिहाज से आजमगढ़ जिला सबसे ऊपर है, जहां 8592 शिक्षक मतदाता हैं। इसके बाद गोरखपुर जिले में 7289 और मऊ जिले में 5131 मतदाता हैं। यह चुनाव पूरी तरह से शिक्षक मतदाताओं के लिए है, लेकिन राजनीतिक दलों की सीधी एंट्री ने इसे एक बड़े मुकाबले में तब्दील कर दिया है। जानकारों के मुताबिक, इस चुनाव का परिणाम भविष्य के विधानसभा चुनावों को भी प्रभावित करने की क्षमता रखता है, जिससे राजनीतिक दलों के लिए यह प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है।
प्रत्याशियों के लिए बड़े नेताओं का प्रचार
समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार डॉ. संजयन त्रिपाठी के पक्ष में लगातार अपील की है। उन्होंने विभिन्न जिलों में कार्यकर्ताओं के साथ संवाद करते हुए डॉ. संजयन को जिताने का आह्वान किया है और अपने हेलीकॉप्टर में उन्हें साथ रखकर प्रचार किया है। दूसरी ओर, भाजपा प्रत्याशी ध्रुव त्रिपाठी के लिए माहौल तैयार करने हेतु मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शिक्षक मतदाताओं के सम्मेलन को संबोधित करेंगे। इसे शिक्षक मतदाता संवाद का नाम दिया गया है। वहीं, निर्दलीय प्रत्याशी अजय सिंह अपनी पुरानी पहचान के दम पर मैदान में हैं, जिन्होंने 2020 के पिछले चुनाव में दूसरा स्थान हासिल कर सबको चौंका दिया था। अजय सिंह मुख्य रूप से वित्तविहीन शिक्षकों के बीच अपनी पकड़ बनाए हुए हैं। उधर, राजीव यादव भी एडेड स्कूलों के शिक्षकों और युवा मतदाताओं के बीच अपनी पैठ बनाने में लगे हैं। मुकाबला भाजपा, सपा और दो निर्दलीय प्रत्याशियों के बीच सिमटता हुआ दिख रहा है।
राजनीतिक समीकरण और चुनावी प्रभाव
पिछले विधानसभा चुनावों के आंकड़ों पर नजर डालें तो आजमगढ़, बस्ती और अयोध्या मंडलों में सपा की स्थिति काफी मजबूत दिखाई देती है। गोरखपुर मंडल में भाजपा का दबदबा रहा था, लेकिन लोकसभा चुनाव के बाद राजनीतिक परिस्थितियां बदली हैं। आजमगढ़ मंडल में 21 में से 3 सीटें, बस्ती मंडल में 13 में से 7 सीटें और अयोध्या मंडल में 25 में से 11 सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की थी। देवीपाटन मंडल में भाजपा ने 20 में से 16 सीटों पर जीत हासिल की थी। सपा प्रत्याशी डॉ. संजयन निजी स्कूल संचालक हैं, जिसके चलते उन्हें सीबीएसई और सीआइएसई बोर्ड के स्कूलों से काफी उम्मीदें हैं। इसके विपरीत, अजय सिंह वित्तविहीन विद्यालयों को अपनी मुख्य शक्ति मानकर आगे बढ़ रहे हैं। राजीव यादव भी एडेड विद्यालयों में सेंधमारी कर रहे हैं। इन दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों की रणनीति के बीच निजी स्कूलों के शिक्षकों का मत निर्णायक साबित हो सकता है क्योंकि विचारधारा के आधार पर उनके मन बदलने की पूरी संभावना बनी हुई है।