लखनऊ में पुस्तक विमोचन के दौरान संबोधन
लखनऊ शहर के एक विशेष आयोजन के मंच से देश के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने विचार साझा किए। यह पूरा कार्यक्रम उनकी अपनी लिखित पुस्तक के हिंदी अनुवाद के सार्वजनिक लोकार्पण के सिलसिले में आयोजित किया गया था। इस पुस्तक का नाम भारतीय गणतंत्र की विजयगाथा, मेरा जीवन, मेरा संघर्ष बताया गया है। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने राज्य की वर्तमान व्यवस्था और प्रशासनिक नीतियों की खुलकर तारीफ की। उनका कहना था कि जब से वर्ष 2017 में वर्तमान मुख्यमंत्री की कमान में यहां सरकार का गठन हुआ है, तब से संपूर्ण प्रदेश में निर्माण और प्रगति के कार्यों को एक नई गति प्राप्त हुई है। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक सुधारों और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए किए जा रहे प्रशासनिक प्रयासों को भी महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम में मौजूद तमाम लोग उनके इस संबोधन को ध्यान से सुन रहे थे और उन्होंने राज्य की इस वर्तमान दिशा को जनहित में उपयोगी करार दिया।
एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का संकल्प
समारोह के दौरान वक्ता ने राज्य के भविष्य को लेकर तय किए गए बड़े आर्थिक लक्ष्यों का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने श्रोताओं को जानकारी दी कि प्रदेश के मुखिया ने इस क्षेत्र को एक ट्रिलियन डॉलर की बड़ी अर्थव्यवस्था में बदलने का संकल्प लिया है। इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए विभिन्न मोर्चों पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पूर्व राष्ट्रपति ने इस बात पर पूरा भरोसा जताया कि इन तमाम कल्याणकारी और प्रगतिशील योजनाओं का सीधा लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचेगा। इसके प्रभाव से राज्य के निवासियों के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे, शिक्षा के बेहतर साधन उपलब्ध होंगे और समग्र आर्थिक उन्नति के अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि उन्हें केवल मतदान करने तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि शासन, प्रशासन और सार्वजनिक जीवन के हर क्षेत्र में अपनी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। सुशासन को मजबूत बनाने के लिए ईमानदार, सक्षम और संवेदनशील लोगों को आगे आकर राजनीति में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए।
बचपन के संस्मरण और गरीबों के लिए पक्के मकान
अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए पूर्व राष्ट्रपति ने कानपुर देहात के परौंख गांव में बीते अपने बचपन के संस्मरण साझा किए। उन्होंने बताया कि उस दौर में उनका घर बेहद साधारण स्थिति में था और बरसात के मौसम में उसकी छत से पानी टपकता रहता था। इसी प्रसंग को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश प्रशासन की संयुक्त पहलों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से आज राज्य के गरीब परिवारों को पक्के मकान मिल रहे हैं। इन पक्के आवासों के मिलने से समाज के वंचित तबके को एक नई सामाजिक प्रतिष्ठा के साथ-साथ सुरक्षित आशियाना भी नसीब हुआ है। अपने लंबे जीवन के अनुभवों से सीख देते हुए उन्होंने युवाओं को राष्ट्र सेवा में हमेशा जुटे रहने और जीवन की किसी भी परिस्थिति में कभी हार न मानने का कड़ा संदेश भी दिया। उनके इन प्रेरक शब्दों से सभागार में मौजूद सभी लोगों को एक सकारात्मक ऊर्जा और नई प्रेरणा प्राप्त हुई।