जेल भेजे गए सीजेपी नेता और एसआईआर विरोध
दिल्ली पुलिस ने हाल ही में कार्रवाई करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी के दो प्रमुख नेताओं को तिहाड़ जेल भेज दिया है। इन नेताओं की पहचान सौरव दास और आशुतोष रांका के रूप में हुई है जिन्हें अदालत के आदेश पर पांच दिन की न्यायिक हिरासत मिली है। पुलिस के अनुसार इन दोनों पर जंतर मंतर क्षेत्र में अनधिकृत रूप से प्रवेश करने का गंभीर आरोप है। इसके अलावा उन पर शांति व्यवस्था के नियमों का उल्लंघन करने का भी मामला दर्ज किया गया है। दूसरी ओर पार्टी और विपक्ष के अन्य दल पिछले पंद्रह दिनों से लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। इन विरोध प्रदर्शनों का मुख्य केंद्र मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर प्रक्रिया है। प्रदर्शनकारियों द्वारा इस प्रक्रिया का पुरजोर विरोध किया जा रहा है। इसके साथ ही देश के मुख्य चुनाव अधिकारी के पद पर आसीन ज्ञानेश कुमार के पद छोड़ने की मांग भी जोर-शोर से उठाई जा रही है। एसआईआर के खिलाफ जारी विरोध की इस गहमागहमी के बीच कई बड़े राजनीतिक सवाल खड़े हो गए हैं। दिपके नामक व्यक्ति ने सवाल उठाया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने देश के नागरिकों की छवि खराब करने के लिए विदेशियों का समर्थन क्यों मांग रहे हैं। इन तमाम घटनाओं के बाद राजधानी दिल्ली का राजनीतिक माहौल काफी गर्म हो गया है और प्रशासन पूरी मुस्तैदी से स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
अमेरिकी गायिका का बयान और फंडिंग पर सियासी घमासान
विदेशी मदद को लेकर छिड़े विवाद के केंद्र में एक जानी-मानी अमेरिकी गायिका और अभिनेत्री मैरी मिलबेन का नाम सामने आया है। यह अमेरिकी कलाकार अपनी कला के साथ-साथ भारत देश और मौजूदा प्रधानमंत्री के प्रति अपने विशेष लगाव के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचानी जाती हैं। उन्होंने साल 2005 में व्हाइट हाउस में एक इंटर्न के तौर पर अपनी पेशेवर यात्रा की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपतियों बुश, ओबामा, ट्रंप और बाइडेन के लिए अपने सुर बिखेरे। भारतीय संदर्भ में उन्होंने अगस्त 2020 के स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रगान गाया था। इसके अतिरिक्त जून 2023 में प्रधानमंत्री की अमेरिकी यात्रा के दौरान भी उन्होंने अपनी प्रस्तुति दी थी। सितंबर 2023 के दौरान राजधानी दिल्ली में आयोजित जी-20 सम्मेलन में भी उनकी सुरीली आवाज सुनी गई थी। राजनीतिक रूप से उन्होंने फरवरी 2021 के किसान आंदोलन के समय कृषि कानूनों का समर्थन किया था। इसके साथ ही उन्होंने अगस्त 2023 की मणिपुर हिंसा की घटनाओं और मार्च 2024 के नागरिकता संशोधन कानून की खुलकर तारीफ की थी। अब इसी गायिका ने कॉकरोच जनता पार्टी को अमेरिका की तरफ से वित्तीय सहायता मिलने का बड़ा दावा किया है। दूसरी तरफ इस पूरे मामले पर पलटवार करते हुए तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं और राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
अदालती याचिकाएं और विदेशी फंडिंग के पुराने आरोप
कानूनी मोर्चे पर भी इस पूरे मामले से जुड़ी कई बड़ी गतिविधियां तेजी से चल रही हैं। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने देश की सर्वोच्च अदालत में एसआईआर की पूरी प्रक्रिया को कानूनी चुनौती दी है। उनके अलावा वरिष्ठ नेता राहुल गांधी भी इस मामले को लेकर अपनी याचिका अदालत में दाखिल कर चुके हैं। इन दोनों ही महत्वपूर्ण याचिकाओं पर अदालत में गुरुवार के दिन सुनवाई तय की गई है। वहीं दूसरी ओर विदेशीFunding का यह विवाद कोई नया नहीं है बल्कि इससे पहले भी कई बार तूल पकड़ चुका है। भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने जॉर्ज सोरोस से जुड़े एक फाउंडेशन का जिक्र करते हुए तीखे सवाल दागे थे। उन्होंने यह भी पूछा था कि क्या दिपके की अमेरिका में हुई पढ़ाई का सारा खर्च उसी फाउंडेशन ने उठाया था। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नितिन नबीन ने भी बाहरी देशों से मिलने वाले पैसे के जरिए देश में अशांति फैलाने का गंभीर आरोप लगाया है। इसके अलावा अगस्त 2026 में सूचना का अधिकार के तहत कार्यकर्ता अमित तिवारी ने इस पूरे वित्तीय लेन-देन की गहन जांच कराने की मांग उठाई थी। हालांकि इन तमाम आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए दिपके पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि वे और उनके साथी मिलकर अपना खर्च उठाते हैं। उन्होंने साफ किया है कि उनकी पार्टी को किसी भी बाहरी उद्योगपति या बड़े दानदाता से एक भी रुपया नहीं मिला है और वे जनता से चंदा जुटाने की योजना पर काम कर रहे हैं।