बरेली में निषाद समाज का सम्मेलन
उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ। संजय निषाद शुक्रवार को बरेली पहुंचे थे। यहाँ सर्किट हाउस में एक विशेष आयोजन किया गया जिसमें उन्होंने चार जिलों के कार्यकर्ताओं से संवाद किया। इस सम्मेलन में मुख्य रूप से बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर और बदायूं से आए निषाद समाज के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए थे। मंत्री ने इस मंच का उपयोग समाज के लोगों की समस्याओं को सुनने और उन्हें राज्य सरकार के प्रयासों से अवगत कराने के लिए किया। कार्यक्रम के दौरान निषाद ने कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद स्थापित किया और उन्हें आगामी राजनीतिक रणनीतियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य निषाद समाज के प्रतिनिधियों को संगठित करना और उन्हें समाज के हितों के प्रति जागरूक करना था। इस बैठक में उपस्थित स्थानीय नेताओं ने भी अपने विचार साझा किए और मंत्री के सामने अपने क्षेत्रों से संबंधित मुद्दे उठाए। यह पूरा आयोजन एक बड़े राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है जिसमें मंत्री ने कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भरने का कार्य किया है।
विपक्षी दलों की नकारात्मक राजनीति
सम्मेलन को संबोधित करते हुए संजय निषाद ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला और नकारात्मक राजनीति करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि पूर्ववर्ती सरकारों ने अपने कार्यकाल के दौरान पिछड़ों और दलितों को उनका वाजिब हक नहीं दिया। उन्होंने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव का नाम लेते हुए उन पर तंज कसा कि उनके पास अब पोस्टर लगाने और जुबानी जमा-खर्च करने के अलावा कोई वास्तविक काम शेष नहीं बचा है। निषाद ने जोर देकर कहा कि सत्ता में रहते हुए इन लोगों ने केवल अपने स्वार्थों को प्राथमिकता दी है और समाज के कमजोर वर्गों को मुख्यधारा से दूर रखा है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि एनडीए गठबंधन का एकमात्र लक्ष्य इन वर्गों का विकास करना है, जबकि विपक्षी दल केवल भ्रामक बयानबाजी के जरिए जनता को गुमराह करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे विपक्षी दलों के दुष्प्रचार का मुंहतोड़ जवाब दें और सरकार की जन-कल्याणकारी नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ करें।
कानूनी संरक्षण और भविष्य की दिशा
पिछड़े वर्ग की सुरक्षा और उन्हें न्याय दिलाने की दिशा में डॉ। संजय निषाद ने एक बड़ी मांग उठाई है। उन्होंने मांग की है कि जिस प्रकार अनुसूचित जाति के लोगों के लिए अत्याचार के विरुद्ध सख्त कानून मौजूद है, वैसा ही प्रावधान अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए भी बनाया जाना चाहिए। मंत्री का मानना है कि पिछड़े वर्ग को समाज में पूर्ण सम्मान और सुरक्षा प्रदान करने के लिए एक प्रभावी कानूनी व्यवस्था का होना अनिवार्य है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव के संदर्भ में उन्होंने बड़ा दावा करते हुए कहा कि जनता का विश्वास एनडीए के साथ पूरी मजबूती से बना हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव के पहले और उसके परिणाम आने के बाद भी जनता का समर्थन इसी गठबंधन को प्राप्त रहेगा। निषाद के इस बयान से यह संकेत मिलता है कि आगामी चुनाव की तैयारियों में ओबीसी सुरक्षा का मुद्दा एक प्रमुख चुनावी रणनीति के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। मंत्री ने कार्यकर्ताओं को आश्वस्त किया कि समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए सरकार हर संभव कानूनी कदम उठाने और नई नीतियां लागू करने के लिए निरंतर काम कर रही है।