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राजनीति

विशेष पूजा अर्चना: सीएम धामी ने काशी विश्वनाथ मंदिर में किए दर्शन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रसेवा के पच्चीस वर्ष पूरे होने के अवसर पर विशेष धार्मिक अनुष्ठान किए गए। इसी कड़ी में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।

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Ankit Yadav
07 अक्ट 2026, 16:00
विशेष पूजा अर्चना: सीएम धामी ने काशी विश्वनाथ मंदिर में किए दर्शन

काशी विश्वनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री धामी का दौरा

उत्तराखंड राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में धार्मिक नगरी वाराणसी का दौरा किया। इस दौरे के दौरान उन्होंने प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचकर भगवान शिव की आराधना की। मंदिर परिसर में उन्होंने पारंपरिक विधि-विधान के साथ विशेष पूजा-अर्चना संपन्न की। इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान मंदिर के पुजारियों ने मंत्रोच्चार के साथ पूजन कार्य पूरा कराया। मुख्यमंत्री ने देश और समाज के कल्याण के लिए भगवान विश्वनाथ से प्रार्थना की। उनके साथ स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस यात्रा में उपस्थित रहे। मंदिर प्रबंधन ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और उन्हें प्रसाद भेंट किया। इस आयोजन की जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और श्रद्धालु भी मंदिर के आसपास एकत्र हो गए थे। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच यह पूरा धार्मिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री ने मंदिर के गर्भगृह में जाकर दर्शन किए और देश की प्रगति के लिए आशीर्वाद मांगा।

राष्ट्रसेवा के पच्चीस वर्ष पूरा होने पर अनुष्ठान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और राष्ट्रसेवा के पच्चीस वर्ष पूरे होने का यह विशेष अवसर पूरे देश में मनाया जा रहा है। इसी उपलक्ष्य में देश के विभिन्न हिस्सों में विशेष धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इस ऐतिहासिक milestone के अवसर पर बाबा विश्वनाथ की शरण में जाकर अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने देश के प्रधानमंत्री के दीर्घायु होने और राष्ट्र के निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़ने की कामना की। इस प्रकार के धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-पाठ नेताओं द्वारा अपनी आस्था प्रकट करने के प्रमुख माध्यम माने जाते हैं। इस कार्यक्रम के माध्यम से देश के शीर्ष नेतृत्व के प्रति जनता और सहयोगियों का समर्थन भी दिखाई देता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे आयोजन कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भरने का कार्य करते हैं। मुख्यमंत्री का यह दौरा पूरी तरह से धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से समर्पित रहा, जहाँ उन्होंने प्रधानमंत्री के सेवाकाल की सफलता के लिए विशेष प्रार्थना की।

धार्मिक स्थलों की महत्ता और सांस्कृतिक संदर्भ

काशी विश्वनाथ मंदिर भारत के सबसे प्राचीन और पवित्र ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है। यहाँ देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु प्रत्येक वर्ष दर्शन के लिए आते हैं और आध्यात्मिक शांति प्राप्त करते हैं। इस मंदिर का पुनरुद्धार और सौंदर्यीकरण पिछले कुछ वर्षों में भारतीय संस्कृति के संरक्षण का एक बड़ा उदाहरण बन चुका है। जब भी देश के प्रमुख नेता इस प्रकार के ऐतिहासिक स्थलों का दौरा करते हैं, तो उससे सांस्कृतिक पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा मिलता है। इस प्रकार की यात्राओं से न केवल धार्मिक मान्यताओं को बल मिलता है बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भी मजबूती प्राप्त होती है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री का काशी आना और बाबा के दरबार में हाजिरी लगाना राजनीतिक और सांस्कृतिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजनों के जरिए सांस्कृतिक धरोहरों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का सिलसिला जारी रहने की पूरी संभावना है। आम नागरिक भी इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों को अपनी आस्था से जोड़कर देखते हैं।

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