Lucknow Desk : प्रतापगढ़ की विश्वनाथगंज सीट पर 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां धीरे-धीरे बढ़ने लगी हैं। पिछले चुनाव में अपना दल के जीत लाल पटेल ने शानदार जीत हासिल की थी। उन्होंने समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी डॉ. सौरभ सिंह को 48 हजार से अधिक वोटों के बड़े अंतर से हराया था। अब आगामी चुनाव में जनता का रुख किस ओर होगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं। अब 2027 का चुनाव नजदीक आने के साथ ही इलाके में लोगों के बीच नए सवाल चर्चा में हैं। करीब चार लाख मतदाताओं वाली इस सीट पर हर चुनाव में सामाजिक समीकरण काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
यहां अलग-अलग जातियों और समुदायों की बड़ी आबादी है, इसलिए राजनीतिक दल अपने-अपने हिसाब से वोटों का समीकरण बनाने में जुटते हैं। हालांकि इस बार सिर्फ जाति के आधार पर चुनावी चर्चा होती नजर नहीं आ रही है। गांवों और बाजारों में सड़क, बिजली, रोजगार, स्वास्थ्य सुविधाओं और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दे भी लोगों की बातचीत में शामिल हैं। कुछ लोगों का कहना है कि इलाके में विकास के काम हुए हैं और पहले की तुलना में सुविधाएं बेहतर हुई हैं। वहीं कुछ लोगों की शिकायत है कि कई जगहों पर अभी भी बुनियादी समस्याएं बनी हुई हैं। खासकर रोजगार और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर युवाओं और ग्रामीणों की अपनी उम्मीदें हैं।
जनता के मुद्दे बदल रहे हैंविश्वनाथगंज में इस बार राजनीतिक दलों के सामने सिर्फ वोटों का गणित साधने की चुनौती नहीं होगी। जनता अपने क्षेत्र में हुए काम और बाकी समस्याओं को भी चुनावी नजर से देख सकती है। मौजूदा विधायक जीत लाल पटेल के सामने भी अपने पिछले कार्यकाल का हिसाब जनता के बीच रखने की चुनौती होगी। वहीं विपक्षी दल इस सीट पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए नए मुद्दों और रणनीति के साथ मैदान में उतर सकते हैं। फिलहाल 2027 के चुनाव में अभी समय है और उम्मीदवारों की तस्वीर भी साफ नहीं हुई है। लेकिन विश्वनाथगंज में राजनीतिक चर्चा शुरू हो चुकी है। आने वाले महीनों में स्थानीय मुद्दे, राजनीतिक समीकरण और संभावित उम्मीदवार इस चुनावी तस्वीर को और स्पष्ट करेंगे।