विश्वविद्यालय चौराहे पर फंसा मंत्री का काफिला
बुधवार दोपहर को लगभग तीन बजे का समय था जब यह पूरी घटना घटित हुई। उत्तर प्रदेश सरकार के मत्स्य मंत्री डॉ. संजय निषाद किसी आधिकारिक काम से जा रहे थे और उनका काफिला गोरखपुर के व्यस्त इलाके से गुजर रहा था। उनका यह वाहन दस्ता जब विश्वविद्यालय चौराहे के पास पहुंचा तो वहां भारी वाहनों और अन्य वाहनों की लंबी कतारों के कारण रास्ता पूरी तरह से अवरुद्ध मिला। चौराहे पर स्थिति इतनी खराब थी कि गाड़ियां एक इंच भी आगे नहीं खिसक पा रही थीं और चारों तरफ वाहनों का तांता लगा हुआ था। मंत्री का वाहन भी इस भयंकर यातायात व्यवस्था के बीच में बुरी तरह से फंस गया। कुछ देर तक तो सभी ने स्थिति सामान्य होने का इंतजार किया और गाड़ी के अंदर बैठकर ही हालात सुधरने की उम्मीद की जाती रही। लेकिन जब काफी समय बीत जाने के बाद भी गाड़ियां अपनी जगह से आगे नहीं बढ़ सकीं और ट्रैफिक का यह संकट जस का तस बना रहा, तब जाकर स्थिति में बदलाव लाने के लिए एक कड़ा कदम उठाने की आवश्यकता महसूस हुई। स्थानीय लोगों और राहगीरों के लिए भी यह एक हैरान करने वाला नजारा था क्योंकि आमतौर पर वीवीआईपी लोगों के लिए रास्ते खाली कराए जाते हैं, लेकिन यहां खुद एक बड़े मंत्री को सड़क पर उतरना पड़ गया।
गाड़ी से उतरकर खुद जाम खुलवाने लगे मंत्री
यातायात की इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए मंत्री डॉ. संजय निषाद ने खुद ही अपनी गाड़ी से बाहर आने का फैसला किया। वाहन का दरवाजा खोलकर वह सीधे सड़क पर आ खड़े हुए और खुद मोर्चा संभाल लिया। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम के दौरान मौके पर मौजूद लोग हैरान रह गए क्योंकि एक प्रदेश स्तर का मंत्री खुद सड़क पर ट्रैफिक को नियंत्रित करने में जुट गया था। उन्होंने वहां फंसे वाहनों को आगे बढ़ाने और रास्ता साफ करने के लिए खुद पहल की ताकि लोगों को इस परेशानी से जल्द से जल्द राहत मिल सके। इस पूरी कार्रवाई और घटना का किसी व्यक्ति ने अपने मोबाइल फोन या अन्य कैमरे से वीडियो बना लिया। देखते ही देखते यह वीडियो इंटरनेट मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर बहुत तेजी से प्रसारित होने लगा और साइबर दुनिया में चर्चा का विषय बन गया। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि किस प्रकार मंत्री महोदय खुद सड़क के बीचों-बीच खड़े होकर यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने का प्रयास कर रहे हैं और वाहनों को सही दिशा में आगे बढ़ने का संकेत दे रहे हैं। इस अनोखे और अनपेक्षित दृश्य ने सोशल मीडिया यूजर्स का भी भारी ध्यान आकर्षित किया और आम जनता के बीच इस बात की खूब चर्चा होने लगी कि एक मंत्री को खुद सड़क पर उतरकर व्यवस्था संभालनी पड़ रही है।
गोरखपुर क्लब के कार्यक्रम में शामिल होने जाना था
इस पूरे घटनाक्रम के पीछे एक पूर्व निर्धारित आधिकारिक कार्यक्रम की व्यस्तता भी जुड़ी हुई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शहर के गोरखपुर क्लब में आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होना था। इस तयशुदा कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए मत्स्य मंत्री डॉ. संजय निषाद को भी समय पर पहुंचना अनिवार्य था। इसी कार्यक्रम में जाने के दौरान उनका काफिला इस रूट से गुजर रहा था। मुख्यमंत्री का काफिला उस रास्ते से गुजर चुका था और उसके निकलने के बाद भी सड़क पर यातायात सामान्य नहीं हो सका था। मुख्यमंत्री के जाने के बाद भी वाहन चालकों की भारी भीड़ और अव्यवस्था के कारण वहां भारी जाम की स्थिति बनी रही। इसी कारण से मंत्री का काफिला पीछे से आकर उस गंभीर जाम में फंस गया और समय पर गंतव्य तक पहुंचना मुश्किल हो गया। जब स्थिति बहुत अधिक बिगड़ गई और सामान्य तरीके से रास्ता मिलने की कोई उम्मीद नहीं बची, तब मंत्री ने गाड़ी में बैठे रहने के बजाय खुद सड़क पर उतरकर व्यवस्था को अपने हाथों में लेना ज्यादा बेहतर समझा। उन्होंने स्पष्ट किया कि संकट के इस समय में गाड़ी के अंदर बैठे रहने से बेहतर था कि वह खुद बाहर निकलकर यातायात संचालन की व्यवस्था को संभालें और रास्ते को खाली करवाएं।