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विदेश

अमेरिका में गिरफ्तारी: हरियाणा के गैंगस्टर हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया दबोचे गए

अमेरिका में अमेरिकी एजेंसी इमीग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट ने हरियाणा के कुख्यात गैंगस्टरों हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया को पकड़ लिया है। दोनों ने फर्जी पासपोर्ट के जरिए अपनी पहचान छिपाई थी और विदेश से आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे। इन दोनों को भारत वापस डिपोर्ट करने की कानूनी प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है।

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Ankit Yadav
24 अक्ट 2026, 14:25
अमेरिका में गिरफ्तारी: हरियाणा के गैंगस्टर हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया दबोचे गए

लास वेगास और अन्य ठिकानों से धरपकड़

अमेरिकी एजेंसी इमीग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट ने अपनी ईआरओ डिवीजन के सहयोग से इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। हरियाणा विशेष कार्य बल यानी एसटीएफ की तरफ से पुख्ता जानकारियां साझा किए जाने के बाद यह सफलता हासिल हुई है। कुख्यात बदमाश हिमांशु भाऊ को अमेरिका के लास वेगास शहर से हिरासत में ले लिया गया है। उसने हिमांशु सिगरोहा के नाम से कूटरचित यानी फर्जी पासपोर्ट तैयार करवाया था और उसी के सहारे देश से फरार हुआ था। इसके अलावा उसके साथी नीरज फरीदपुरिया को भी अमेरिकी धरती पर ही गिरफ्तार कर लिया गया है। नीरज ने अपनी पहचान छिपाने के वास्ते नीरज कौशिक के नाम से एक फर्जी पासपोर्ट हासिल किया था। ये दोनों अपराधी काफी समय से सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचकर विदेशी जमीन पर रह रहे थे और वहां से अपनी अवैध गतिविधियों का संचालन कर रहे थे। पुर्तगाल देश से निकलकर हिमांशु भाऊ ने साल 2025 के आखिरी महीनों में अमेरिका का रुख किया था और वहीं पर ठिकाना बना लिया था। अब इन दोनों अपराधियों को अमेरिकी अधिकारियों की मदद से भारत वापस लाने के लिए केंद्रीय स्तर की तमाम एजेंसियां मिलकर तेजी से काम कर रही हैं ताकि इन्हें कानून के शिकंजे में जल्द से जल्द जकड़ा जा सके।

गंभीर आपराधिक मामलों और हत्याओं की लंबी फेरिहर

पकड़े गए दोनों अपराधियों का आपराधिक इतिहास बेहद लंबा और खौफनाक रहा है। हिमांशु भाऊ हांसी इलाके में जिम के एक मालिक कपिल की सनसनीखेज हत्या समेत कई जघन्य वारदातों में लंबे अरसे से वांछित चल रहा था और पुलिस को उसकी तलाश थी। वह अमेरिका में बैठकर भारत के अंदर व्यापारियों और अन्य लोगों से रंगदारी वसूलने का पूरा एक बड़ा रैकेट चला रहा था। वहीं दूसरी तरफ, उसका सहयोगी नीरज फरीदपुरिया भी संगठित अपराध की दुनिया का एक बड़ा नाम है। उसके खिलाफ रंगदारी मांगने, लोगों के साथ मारपीट करने, अवैध वसूली करने और संगठित अपराध से जुड़े दर्जनों संगीन मामले विभिन्न थानों में दर्ज हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि उसका नाम कांग्रेस पार्टी के नेता विकास चौधरी की हत्या के बहुचर्चित मामले में भी सामने आया था, जिसके सिलसिले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए उसके ठिकानों पर पहले छापेमारी भी कर चुकी है। भाऊ गिरोह के इस सक्रिय सदस्य नीरज को साल 2012 के एक हत्या मामले में पहले भी गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद साल 2015 की अदालत के फैसले में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। हालांकि साल 2019 के दौरान पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद वह देश छोड़कर विदेश भाग गया था, जिसके बाद से तमाम जांच एजेंसियां लगातार उसकी सुरागकशी में जुटी हुई थीं और आखिरकार उन्हें कामयाबी मिल गई।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपराधियों के खिलाफ बड़ा अभियान

यह बड़ी गिरफ्तारियां हरियाणा एसटीएफ की तरफ से चलाए जा रहे उस व्यापक और निरंतर अभियान का एक अहम हिस्सा हैं, जिसके तहत देश से लेकर विदेश तक अपने पैर पसार चुके गैंगस्टरों के पूरे नेटवर्क को पूरी तरह तहस-नहस किया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों और राज्य सरकार की सख्त नीतियों का यह परिणाम है कि लगातार अपराधियों पर शिकंजा कसा जा रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक साल 2026 के दौरान अब तक कुल 12 अपराधियों को या तो डिपोर्ट किया जा चुका है या फिर उनका प्रत्यर्पण कराया गया है। इसके अलावा साल 2019 से लेकर अब तक कुल 25 अपराधियों को विदेश से सुरक्षित वापस भारत लाया जा चुका है। मौजूदा समय की बात करें तो विभिन्न देशों में कुल 14 गैंगस्टर वहां की स्थानीय एजेंसियों की हिरासत में बंद हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपराधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई को मजबूत करते हुए अब तक कुल 51 रेड कार्नर नोटिस जारी किए गए हैं। इसके साथ ही 138 लुक आउट सर्कुलर खोले गए हैं, 52 इंटरपोल रेफरेंस भेजे गए हैं और 76 लोगों के पासपोर्ट रद्द करने की कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। वर्ष 2026 में ही एसटीएफ ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए कुल 445 अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया है, जिनमें 232 गैंगस्टर और 48 इनामी बदमाश शामिल हैं। इसके अलावा पुलिस मुठभेड़ के दौरान 5 गैंगस्टरों को ढेर किया जा चुका है, जो संगठित अपराध के खात्मे की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम है।

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